Monday, November 4, 2019

सुविचार हिन्दी मे

मुस्कान को तभी रोको, जब वो किसी को चोट पहुंचा रही हो...वरना खिलखिलाकर हंसते रहो....!

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जरूरी नहीं की सारे सबक किताबों से ही सीखे जाएं..... कुछ सबक जिंदगी और रिश्ते भी सीखा देते है.....

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नेत्र हमें केवल दृष्टि प्रदान करते हैं..... परन्तु हम कब किसमें क्या देखते हैं ये हमारी भावनाओं पर निर्भर करता है.....
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अपनी गलती को ना मानना..... एक और गलती होती है।

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जिन्दगी मे कभी किसी को कम मत समझो.....पूरी दुनिया को डूबाने की ताकत रखने वाला समंदर ,तेल की एक बूंद को नही डूबो सकता...
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