*🌹पेड़ के नीचे रखी भगवान की टूटी मूर्ति को देख कर समझ आया,*
*कि..*
*परिस्थिति चाहे कैसी भी हो,*
*पर कभी ख़ुद को टूटने नही देना..*
*वर्ना ये दुनिया जब टूटने पर भगवान को घर से निकाल सकती है तो फिर हमारी तो औकात ही क्या है।*
*गलती आपकी हो या मेरी*
*रिश्ता तो हमारा है ना...!*
*Accept & Adjust*
🌹🙏🏻🙏🏻🌹
*"मुस्कुराना"* सीखना पड़ता है...!
*"रोना"* तो पैदा होते ही आ जाता हैं...!
*सुप्रभात...*
*नमस्कार...*
*आपका दिन मंगलमय हो...*☕