Saturday, March 21, 2026

सौंफ के फायदे

 सौंफ त्रिदोषनाशक है, इसकी तासीर ठंडी है, पर यह जठराग्नि को मंद नहीं करती।


           आंखों की रोशनी सौंफ का सेवन करके बढ़ाया जा सकता है। सौंफ और मिश्री समान भाग लेकर पीस लेना चाहिए। इसकी एक चम्मच मात्रा सुबह-शाम पानी के साथ दो माह तक लेने से आंखों की रोशनी बढ़ती है।


           सौंफ खाने से पेट और कब्ज की शिकायत नहीं होती। सौंफ को मिश्री या चीनी के साथ पीसकर चूर्ण बनाकर रात को सोते समय लगभग पांच ग्राम चूर्ण गुनगने पानी के साथ सेवन करने से पेट की समस्या नहीं होगी तथा गैस व कब्ज दूर होगा।


            डायरिया होने पर सौंफ खाना चाहिए। सौंफ को बेल के गूदे के साथ सुबह-शाम चबाने से अजीर्ण समाप्त होता है और अतिसार में फायदा होता है।


            खाने के बाद सौंफ का सेवन करने से खाना अच्छे से पचता है। सौंफ, जीरा व काला नमक मिलाकर चूर्ण बनाकर खाने के बाद हल्के गुनगुने पानी के साथ इस चूर्ण को लेना चाहिए, यह उत्तम पाचक चूर्ण है। 


          यदि हम चाहते हैं कि हमारा कोलेस्ट्रॉल स्तर न बढ़े तो खाने के लगभग ३० मिनट बाद एक चम्मच सौंफ अवश्य खाना चाहिए। 


            आधी कच्ची सौंफ का चूर्ण और आधी भुनी सौंफ के चूर्ण में हींग और काला नमक मिलाकर २ से ६ ग्राम मात्रा में दिन में तीन-चार बार प्रयोग करने से गैस और अपच दूर हो जाती है।


            भुनी हुई सौंफ और मिश्री समान मात्रा में पीसकर हर दो घंटे बाद ठंडे पानी के साथ फँकी लेने से मरोड़दार दस्त, आँव और पेचिश में लाभ होता है। यह कब्ज को दूर करती है।


            बादाम, सौंफ और मिश्री तीनों बराबर भागों में लेकर पीसकर रख लें और रोज दोनों टाइम भोजन के बाद एक चम्मच लेने से स्मरणशक्ति बढ़ती है।


            दो कप पानी में उबली हुई एक चम्मच सौंफ को दो या तीन बार लेने से कफ की समस्या समाप्त होती है। अस्थमा और खांसी में सौंफ सहायक है। कफ और खांसी के इलाज के लिए सौंफ खाना फायदेमंद होता है।


           गुड़ के साथ सौंफ खाने से मासिक धर्म नियमित होता है।

            गर्मियों में सौंफ को भिगाकर सेवन करने से ठंडक मिलती है। सौंफ के पावडर को शक्कर के साथ बराबर मिलाकर लेने से हाथों और पैरों की जलन दूर होती है।


          सौंफ शिशुओं के पेट और उनके पेट के अफारे को दूर करने में बहुत उपयोगी है।एक चम्मच सौंफ को एक कप पानी में उबालकर, इसे ठंडा करके शिशु को एक चम्मच घोल देना चाहिए। 


            कब्ज की परेशानी होने पर आधा ग्राम गुलकन्द और सौंफ मिलाकर दूध के साथ रात में सोते समय लेना चाहिए। कब्ज दूर हो जाता है। इसे खाने से लीवर ठीक रहता है तथा पाचन क्रिया ठीक रहती है।

             रोजाना सुबह-शाम सौंफ खाने से खून साफ होता है और त्वचा में चमक आती है।

           

बार बार मुंह में छाले होने पर एक गिलास पानी में दो चम्मच सौंफ को पानी आधा रहने तक उबालना चाहिए। इसमें जरा सी भुनी फिटकरी मिलाकर दिन में दो तीन बार गरारे करने से छाले में लाभ मिलता है।।

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